French Open 2021: पहले दौर के बाद दूसरी वरीय नाओमी ओसाका ने फ्रेंच ओपन से नाम लिया वापस वजह जानकर हो जायेंगे हैरान।
23 वर्षीय जापान की स्टार टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका ने फ्रेंच ओपन 2021 में पहले दौर के बाद नाम वापस ले लिया है। नाओमी ओसाका के ऐसा करने पर टेनिस जगत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
England vs Newzealand test: डेवोन कन्वे ने रचा इतिहास डेब्यू मैच में दोहरा शतक लगाने वाले सातवे खिलाड़ी बने।
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| Naomi Osaka |
England vs Newzealand test: डेवोन कन्वे ने रचा इतिहास डेब्यू मैच में दोहरा शतक लगाने वाले सातवे खिलाड़ी बने।
यह थी नाम वापस लेने की वजह
टेनिस टूर्नामेंट में मैच खत्म होने के बाद हमेशा प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाती है। नाओमी ओसाका को पहले दौर का मैच खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए जाना था लेकिन उन्होंने कुछ मानसिक तनाव में होने के कारण प्रेस कांफ्रेंस छोड़ने का फैसला किया जिस वजह से फ्रेंच ओपन के आयोजको ने नाओमी ओसाका पर 15 हजार डॉलर का जुर्माना लगा दिया और आगे के लिए धमकी दी की अगली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा न लेने पर उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा।
नाओमी ओसाका ने इन सब बातों का विरोध किया और फ्रेंच ओपन से नाम वापस ले लिया। नाओमी ओसाका के अचानक से नाम वापस लेने से पूरे टेनिस जगत में विवाद खड़ा हो गया है।
फ्रेंच ओपन से नाम वापस लेने के बाद क्या कहा नाओमी ओसाका ने
नाओमी ओसाका ने अपने बयान में कहा कि टूर्नामेंट, दूसरे खिलाड़ियों और मेरी भलाई इसी में है कि मैं टूर्नामेंट से हट जाऊं ताकि एक बार फिर से सभी लोग पेरिस में चल रहे टेनिस पर ध्यान दे सके। मैं कभी भी बाधा बनना
नहीं चाहती थी और मैं मानती हूं कि मेरी टाइमिंग सही नही थी और मेरा संदेश और भी स्पष्ट हो सकता था। सच्चाई यह है की मैं 2018 यूएस ओपन से ही मानसिक तनाव से लड़ रही हूं जिससे उबरने में मुझे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
फ्रेंच ओपन के पहले दौर में क्या रहा था परिणाम
नाओमी ओसाका ने फ्रेंच ओपन टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार जीत से की थी। उन्होंने रोमानिया की पैट्रिसिया मारिया टिग को 1 घंटे 47 मिनट तक चले मुकाबले में 6-4,7-6(4) से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया था। यह मुकाबला 30 मई को खेला गया था।
नाओमी ओसाका ने अबतक 4 ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं जिसमे से उन्होंने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी जीता था।
नाओमी ओसाका के समर्थन में उतरे लोग
फ्रेंच ओपन विवाद पर टिप्पणी करते हुए विश्व बैंक के अनुसंधान इकाई के हेड रह चुके अर्थशास्त्री ब्रेंको मिलनाबिच ने लिखा कि - मैंने कई बार यह बात लिखी है की टेनिस ऐसा खेल है जिसमे एक संकीर्ण माफिया ने सारी ताकत हथिया ली है और वह खिलाड़ियों के साथ गुलाम की तरह व्यवहार करता है। यह एक ऐसा खेल है जो सिर्फ धनी देशों में धनी दर्शक वर्ग के लिए खेला जाता है।
वही जुडी मरे फाउंडेशन के कंसलटेंट क्रिस साउटर ने इन प्रेस कॉन्फ्रेंस को गिद्धों का गड्ढा बताया है।




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