Ms dhoni वह कप्तान जिसने 28 साल बाद भारत को बनाया विश्व विजेता। 2 अप्रैल 2011 का वोह दिन जब कमेंट्री कर रहे रवि शास्त्री ने कही यह पंक्तियां -
'Dhoniiiii finishes off in style. A magnificent strike into the crowd. India lift the World Cup after 28 years. The party's started in the dressing room. And it’s an Indian captain, who’s been absolutely magnificent, in the night of the final.’

कैप्टन कूल के नाम से मशहूर माही या महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट नहीं बल्कि विश्व के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक हैं। धोनी ने अपनी कप्तानी में वो उपलब्धियां हासिल की हैं जो शायद ही कोई कप्तान हासिल कर पाया हो। धोनी क्रिकेट जगत में अपनी बल्लेबाजी से ज्यादा अपनी दमदार कप्तानी के लिए जाने जाते हैं। धोनी हर खिलाड़ी को मैच के हिसाब से चलाना जानते थे। आज हम ms dhoni की इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि आज हमारे कैप्टन कूल का जन्मदिन है।
एमएस धोनी की निजी जिंदगी -
एमएस धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को झारखंड में रांची के एक मध्यम वर्गीय राजपूत परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम पान सिंह धोनी तथा माता का नाम देवकी देवी है। एमएस धोनी के पिता पान सिंह धोनी मेकॉन कंपनी के जूनियर मैनेजमेंट में काम करते थे। चूंकि यह कंपनी केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली सार्वजनिक कंपनी थी इसलिए पान सिंह धोनी जी को रांची में रहने के लिए एक क्वार्टर दिया गया था। वहीं एमएस धोनी की माता जी एक साधारण गृहणी थी। धोनी की एक बहन है जिसका नाम जयंती है वहीं इनके बड़े भाई का नाम नरेंद्र है जोकि राजनीति में सक्रिय हैं।
धोनी की प्रारंभिक शिक्षा ए वी जवाहर विद्यालय मंदिर(वर्तमान में जे वी एम श्यामली, रांची) में हुई थी। बचपन से ही एमएस धोनी को फुटबॉल और बैडमिंटन में विशेष रुचि थी। स्कूल स्तर पर धोनी ने फुटबॉल और बैडमिंटन में अच्छा प्रदर्शन किया जिस कारण वे जिला और क्लब लेवल के लिए चुने गए थे। धोनी फुटबॉल में अपनी टीम की और से बतौर गोल कीपर खेला करते थे। धोनी को क्रिकेट पसंद नहीं था पर अपने फुटबॉल कोच के कहने पर वह लोकल क्रिकेट क्लब में खेलने गय जहां उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग से सभी को प्रभावित किया और यहीं से शुरुआत हुई धोनी के भारत के सबसे महान् विकेटकीपर और कप्तान बनने की।
माही का घरेलू करियर -
महेंद्र सिंह धोनी को सबसे पहले 1998/99 बिहार की और से अंडर 19 टीम में शामिल किया गया जहां उन्होंने पांच मैचों की 7 पारियों में कुल 176 रन बनाए और उनकी टीम 6 में से चौथे पार रही।
धोनी के घरेलू क्रिकेट का सबसे चर्चित किस्सा है बिहार और पंजाब के बीच खेला गया अंडर 19 फाइनल मुकाबला। इस मैच में पंजाब की कमान युवराज सिंह के हाथ में थी। फाइनल में बिहार ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 357 रन बनाए जिसमे से धोनी ने 84 रनों का योगदान दिया। बिहार के पहली पारी में बनाए गए 357 रन के जवाब में पंजाब ने युवराज सिंह के दमदार तिहरे शतक की बदौलत 839 रन बनाए जिसमें युवराज ने 358 रन ठोके जोकि बिहार के पहले इनिंग के टोटल से 1 रन ज्यादा था। घरेलू क्रिकेट में धोनी का बल्लेबाजी में प्रदर्शन मिला जुला रहा लेकिन अपनी विकेटकीपिंग से उन्होंने हर किसी को प्रभावित किया।
भारत ए टीम में खेलने का मिला मौका -
धोनी को उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए भारत ए टीम की और से जिम्बाब्वे और केन्या दौरे के लिए चुना गया जहां उन्होंने हरारे क्रिकेट क्लब में जिम्बाब्वे इलेवन के खिलाफ 7 कैच और 4 स्टंपिंग करके सभी को प्रभावित किया। उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन केन्या ए, पाकिस्तान ए और भारत ए के बीच हुई त्रिकोणीय सीरीज में आया। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 7 मैचों में 72.4 की औसत से 362 रन बनाए जिसमें 2 शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा।
धोनी का एकदिवसीय क्रिकेट करियर -
भारत ए की ओर से शानदार प्रदर्शन करने के कारण धोनी को भारतीए टीम में बतौर विकेट कीपर शामिल किया गया। उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ 2004 में डेब्यू करने का मौका मिला। धोनी को अपने पहले मैच में निचले क्रम में बल्लेबाजी करने का मौका मिला लेकिन वह 0 रन पर रन आउट हो गए। बांग्लादेश के खिलाफ उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा लेकिन फिर भी उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए चुन लिया गया।
यहां से धोनी का करियर पलट गया और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ विशाखापट्टनम में दूसरे वनेडी में 123 गेंदों में 148 रन ठोक डाले जोकि किसी विकेटकीपर का सबसे बड़ा स्कोर था। धोनी खुद अपने ही रिकॉर्ड को श्रीलंका के खिलाफ तोड़ा जब उन्होंने 183 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली।
धोनी का सबसे खराब प्रदर्शन 2007 वनडे वर्ल्ड कप में रहा जहां उन्होंने 3 मैचों में केवल 29 रन बनाए और भारत बांग्लादेश से हारकर ग्रुप स्टेज में ही वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। धोनी के इस खराब प्रदर्शन के कारण रांची में बन रहे उनके मकान को बहुत नुकसान पहुंचाया गया।
2011 वर्ल्ड कप
इस वर्ल्ड कप में धोनी भारतीय टीम की कमान संभाल रहे थे और पहला मैच भी बांग्लादेश के खिलाफ पड़ गया। इस में सहवाग और कोहली के शानदार शतक की बदौलत इंडिया ने बांग्लादेश को करारी शिकस्त देकर 2007 वर्ल्ड कप की हार का बदला चुकता किया। भारत ने इस वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना 2007 की फाइनलिस्ट श्रीलंका के साथ हुआ। भारत ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 साल बाद वर्ल्ड कप के जीता। इस मैच धोनी ने आगे से नेतृत्व करते हुए 91* रन की जोरदार पारी खेली और गौतम गंभीर के साथ मिलकर टीम को जीत की दहलीज तक ले गए।
धोनी ने अपना अंतिम वनडे मुकाबला वर्ल्ड कप 2019 सेमीफाइनल न्यूजीलैंड के खिलाफ 10 जुलाई को खेला। जिसमें भारत मैच हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। वहीं धोनी ने 15 अगस्त 2020 को क्रिकेट सभी प्रारूपों से सन्यास की घोषणा कर दी।
एमएस धोनी का टेस्ट कैरियर -
धोनी का टेस्ट कैरियर बतौर बल्लेबाज उतना शानदार नही रहा जितनी उपलब्धि उन्होंने वनडे क्रिकेट में हासिल की। उन्होंने अपने टेस्ट कैरियर में 38.09 की साधारण औसत से रन बनाए। उन्होंने 2 दिसंबर 2005 को श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला वहीं अपना अंतिम टेस्ट मैच उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 26 दिसंबर 2014 को खेला। धोनी ने इंडिया और ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के बीच में ही सन्यास ले लिया था।
एमएस धोनी का टी20 कैरियर -
धोनी ने अपने टी20 कैरियर की शुरुआत 1 दिसंबर 2006 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ की। वहीं उन्होंने अपना अंतिम टी20 मुकाबला 27 फरवरी 2019 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला। धोनी ने अपनी कप्तानी में पहली बार दक्षिण अफ्रीका में 2007 में आयोजित हुए टी20 वर्ल्ड कप में भारत को विश्व विजेता बनाया। 2007 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में भारत का सामना पाकिस्तान के साथ हुआ। इस मैच में भारत ने 5 रन से रोमांचक जीत दर्ज करते हुए पहला टी20 वर्ल्ड कप जीतने का गौरव हासिल किया।
धोनी का आईपीएल कैरियर -
महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल के शुरुआती सीजन से ही चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़ गए। उन्होंने चेन्नई को अपनी कप्तानी में चेन्नई के 2016 में 2 साल के लिए सस्पेंड होने से पहले हर बार नॉकआउट दौर में पहुंचाया। धोनी ने अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स को 3 आईपीएल खिताब जिताए हैं। धोनी रोहित शर्मा के बाद आईपीएल में सबसे सफलतम कप्तान हैं।
धोनी ने अभी तक आईपीएल में कुल मिलाकर 211 मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 40.25 की औसत से 4669 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 136.64 का रहा है।
एमएस धोनी के द्वारा अर्जित उपलब्धियां
- एमएस धोनी कपिल देव के बाद वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाले दूसरे भारतीय कप्तान हैं।
- धोनी टी20 विश्व कप जीतने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान हैं
- धोनी चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीतने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान हैं।
- धोनी सभी आईसीसी टूर्नामेंट की ट्रॉफी जीतने वाले विश्व के एकमात्र कप्तान हैं।
- धोनी वनडे में 10000 रन बनाने वाले केवल दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। उनके अलावा केवल कुमार संगकारा ने बतौर विकेटकीपर वनडे में 10000 से ज्यादा रन बनाए हैं।
- बतौर विकेटकीपर एमएस धोनी वनडे में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी।
- उन्होंने 2005 में श्रीलंका के खिलाफ 183 रन की पारी खेलकर अपने ही रिकॉर्ड में सुधार किया था।
- वनडे में महेंद्र सिंह धोनी 100 मैच जीतने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान हैं।
- 2007/08 में ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवेल्थ सीरीज जीतने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान।
- 2013 में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से पीटा
- धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम पहली बार टेस्ट में नंबर एक पोजिशन पर पहुंची।

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