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साउथ अफ्रीका में नहीं मिला क्रिकेट खेलने का मौका तो न्यूजीलैंड टीम से खेला क्रिकेट और रच दिया इतिहास

18 साल की उम्र में लिस्ट ए और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया लेकिन अच्छा परफॉर्मेंस ना कर पाने के कारण साउथ अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में स्थान नहीं बना सके और सन 2017 में वह साउथ अफ्रीका में स्थित अपनी संपूर्ण संपत्ति बेचकर न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गया। जी हां हम बात कर रहे हैं उन्हीं डेवोन कन्वे की जिन्होंने लार्ड्स के मैदान पर दोहरा शतक ठोक कर इतिहास रचा दिया।





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डेवोन कन्वे का शुरुआती करियर



फोन कन्वे का जन्म साउथ अफ्रीका में जोहांसबर्ग के ट्रांसवाल में हुआ था। बचपन से अपने क्रिकेटर्स को देखकर उन्होंने भी साउथ अफ्रीका तरफ से क्रिकेट खेलने का मन बना लिया। क्रिकेट की शुरुआत ही गई और महज 18 साल की उम्र में ही उन्होंने लिस्ट ए और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू कर लिया। लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन न कर पाने के कारण उन्हें नेशनल टीम की तरफ से खेलने का मौका नहीं मिला।





प्रोविंशियल क्रिकेट में तो डेवोन कन्वे का प्रदर्शन अच्छा था लेकिन साउथ अफ्रीका में प्रोविंशियल क्रिकेट को दूसरे दर्जे का माना जाता है। शीर्ष स्तर पर वह लायंस टीम के लिए खेलते थे लेकिन वह प्रोविंशियल क्रिकेट का प्रदर्शन वहा नही कर पा रहे थे।




लायंस की तरफ से खेलते हुए डेवोन कन्वे ने 12 मैचों में 22.29 की बेहद खराब औसत से रन बनाए। जिसमे केवल एक अर्धशतक शामिल था।
लेकिन डेवोन कन्वे को हमेशा लगता था की घरेलू क्रिकेट में शीर्ष क्रम उन्हें ज्यादा मौके नही मिले। उन्होंने कहा था कि



"मैं हमेशा टीम से अंदर-बाहर होता रहा, मेरा स्थान कभी फिक्स नहीं होता था। आज तक कि मैं हमेशा अलग-अलग बैटिंग पोजिशन मैं खेला टी20 में ओपनर था लेकिन वनडे में नंबर 5. चार दिवसीय मैचों में मुझे तब प्लेइंग इलेवन में रखा जाता था, जब कोई खिलाड़ी खेलने वाला नहीं होता था।




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क्रिकेट खेलने के लिए छोड़ा देश



डेवोन कन्वे ने मन बना लिया था कि वो क्रिकेट खेलने के लिए अपने देश को छोड़ देंगे। उनके पास दो रास्ते थे या तो इंग्लैंड चले जाते या न्यूजीलैंड। पहले कन्वे इंग्लैंड जाना चाहते थे क्योंकि वह हर साल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने जाते थे और वहा उन्हें कोई परेशानी नहीं होती लेकिन न्यूजीलैंड में कन्वे के दो दोस्त रहते थे जिनका नाम मेलकोम नोफाल और माइकल रिपन था उनके बहुत कहने पर डेवोन कन्वे न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गए।




दोस्तों के कहने पर न्यूजीलैंड रवाना हो गए डेवोन कन्वेे



दोस्तों के कहने पर डेवोन कन्वे ने जोहांसबर्ग से वेलिंगटन के लिए फ्लाइट पकड़ ली। न्यूजीलैंड जाने से पहले डेवोन कन्वे ने साउथ अफ्रीका में स्थित अपनी सारी संपत्ति जैसे कार,घर जमीन आदि बेच दी। यह सब बेचने के पीछे कन्वे ने कारण बताया कि वह यह सब अपने साथ ला नही सकते थे और यह सब न बेचने पर साउथ अफ्रीका यादें हमेशा ताजा रहती।
डेवोन कन्वे ने न्यूजीलैंड में अपना गुजारा चलाने के क्रिकेट खेलने के साथ विक्टोरिया क्रिकेट यूनिवर्सिटी क्लब में कोचिंग काम भी करने लगे।




न्यूजीलैंड में बदल गई डेवोन कन्वे की किस्मत



डेवोन कन्वे को 2017 में वेलिंगटन की तरफ से खेलने का मौका मिल गया जब वेलिंगटन के ओपनर टॉम ब्लैंडल को नेशनल टीम की तरफ से वेस्ट इंडीज दौरे के लिए चुन लिया गया। अब वेलिंगटन को एक ओपनर की तलाश थी और यह तलाश डेवोन कन्वे पर जाकर रुकी।



इस मिले मौके को डेवोन कन्वे ने अपने हाथ से नहीं जाने दिया और 17 फर्स्ट क्लास मैच में 72 के बेहतरीन औसत से 1598 रन ठोक डाले। इसमें 327 रन उनका सर्वाधिक स्कोर था।



टॉम ब्लैंडल की वजह से ही टी 20 में डेब्यू करने का मिला मौका




वेस्ट इंडीज के खिलाफ टी 20 सीरीज में टॉम ब्लैंडल की तबियत खराब हो जाने के कारण डेवोन कन्वे को नेशनल टीम में चुना गया। डेवोन कन्वे ने अपने डेब्यू टी 20 मैच में 41 रन की अच्छी पारी खेली और यहां से उनके इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत को गई।





अभी तक डेवोन कन्वे ने न्यूजीलैंड के लिए 14 टी 20 मुकाबले खेले हैं जिनमें उन्होंने 59 के बेहतरीन औसत से 473 रन बनाए जिस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 151 का रहा है। वह अब टी 20 क्रिकेट में 4 अर्धशतक लगा चुके हैं।
वही वनडे क्रिकेट की बात की जाए तो अबतक कुल 3 मैच में डेवोन कन्वे ने 225 रन बनाए हैं जिसमे एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है।



और लॉर्ड्स के मैदान पर डेब्यू टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाले बन गए पहले खिलाड़ी




डेवोन कन्वे लॉर्ड्स के मैदान पर डेब्यू टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने साथ ही डेब्यू टेस्ट में लॉर्ड्स के मैदान पर शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं डेवोन कन्वे। उनसे पहले यह कारनामा भारत के दिग्गज कप्तान सौरभ गांगुली ने 1996 में किया था। 

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